
ब्यूरो रिपोर्ट
चंदौली (प्राइम समाचार टुडे) उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के ऑनलाइन उपस्थिति को दर्ज करने को लेकर ऑनलाइन अटेंडेंस शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है इसके विरोध में शिक्षक लामबंद होकर इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं

वहीं शिक्षकों ने इस ऑनलाइन उपस्थिति को अव्यावहारिक बताते हुए इसका सामूहिक विरोध कर रहे हैं जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के शिक्षक इस समय शिक्षा विभाग द्वारा जारी ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में लामबंद होकर पूरे उत्तर प्रदेश के शिक्षक सहित अनुदेशक शिक्षामित्र एक साथ एक बैनर तले इसका विरोध करते दिखाई दे रहे हैं वहीं शिक्षकों ने अपने 7 सूत्री मांगों को लेकर हजारों की संख्या में मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा अपनी मांगे पूरी न होने तक ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध को लेकर चेतावनी दी है
ऑनलाइन उपस्थिति शिक्षा विभाग के लिए बना सिर दर्द

विदित हो कि 5 जुलाई 2024 को महानिदेशक स्कूली शिक्षा उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के बेसिक शिक्षकों को ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति (फेस लॉक) के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करने का आदेश जारी किया जो 15 जुलाई 2024 से लागू किया जाना था परंतु आनन फानन में शिक्षा विभाग ने 8 जुलाई को ही यह फरमान जारी कर शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया आदेश की भनक लगते ही संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक इसको अव्यवहारिक आदेश करार देते हुए लगातार विरोध कर रहे है वहीं पूरे प्रदेश में जनपदवार इसका विरोध जारी है
शिक्षकों ने कहा जमीनी हकीकत है बेहाल नहीं हो सकती बुनियादी शिक्षा बहाल

शिक्षक संगठन के पदाधिकारीयों का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति में जमीनी स्तर पर बड़ी समस्याएं बाधा बन रही हैं पहले गांव गिराव दूरस्थ में तैनात महिला शिक्षकों की समस्याओं को दूर करें तथा उनकी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करें उसके बाद ऑनलाइन उपस्थिति की पहल पर ध्यान दें सिर्फ ऑनलाइन उपस्थिति का फरमान जारी करने से शिक्षा व्यवस्था सुव्यवस्थित नहीं हो सकती इसके लिए पहले बुनियादी स्तर पर विद्यालय ,शिक्षक तथा विभागीय विसंगतियों में सुधार आवश्यक है


शिक्षकों की सात सूत्रीय मांगे
1.ऑनलाइन डिजिटल उपस्थित शिक्षकों की सेवा केस्थिति की दृष्टिगत नियमों व सेवा शर्तों के विपरीत है इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए
2.सभी परिषदीय शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह 30 अर्जित अवकाश 15 हाफ डे अवकाश 15 आकस्मिक अवकाश अवकाश में बुलाए जाने पर प्रतिकर अवकाश दिया जाए
3.सभी शिक्षकों कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाए
4.सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहस करते हुए पदोन्नति की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए
5.शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षामित्र अनुदेशकों कोअल्प मानदेय की जगह नियमित किया जाए
6.आरटीई एक्ट 2009 व नई शिक्षा नीति 2020के आलोक में समस्त गैर शैक्षणिक कार्य से शिक्षकों कोमुक्त किया जाए
7.समस्त शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तथा प्रदेश के समस्त शिक्षकों ,शिक्षामित्रों , अनुदेशकों को सामूहिक बीमा , कैशलेस चिकित्सा आदि से आच्छादित किया जाए
मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा विरोध
संयुक्त शिक्षक मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों नेआवाहन करते हुए कहा कि जब तक शिक्षकों की मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक शिक्षकों का विरोध अनिश्चितकालीन तक जारी रहेगा
इस मौके पर देवेंद्र प्रताप यादव , संतोष सिंह , मनोज पांडे ,आनंद मिश्रा संजय सिंह, इम्तियाज़ खान, फैयाज अहमद , सुनील सिंह ,विनोद सिंह ,आनंद मिश्रा , संदीप दुबे ,सुनील यादव ,विकास यादव ,अभिनव सिंह, सुरेंद्र त्रिपाठी ,अमरनाथ दुबे ,नंदन मिश्रा ,आदित्य रघुवंशी ,राजकुमार जायसवाल ,आदित्य सिंह ,महेंद्र पांडे, सहित हजारोंकी संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं शिक्षामित्र अनुदेशक मौजूद रहे














