रेडिनेस कार्यक्रम के मूल्यांकन हेतु एन0सी0ई0आर0टी0 टीम तीन दिवसीय दौरे पर

सकलडीहा (प्राइम समाचार टुडे) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा एन0सी0ई0आर0टी0 के माध्यम से संचालित विद्या प्रवेश कार्यक्रम एवं उसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में संचालित स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम के मूल्यांकन हेतु एन0सी0ई0आर0टी0 टीम ने सकलडीहा विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय दिघवट का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण किया।

गौरतलब हो कि विद्या प्रवेश कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा की ओर आकर्षित करना और उनकी शैक्षिक नींव को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम के तहत ‘विद्या प्रवेश’ नाम से 3 महीने का प्ले बेस्ड ‘स्कूल रेडिनेस मॉड्यूल’ विकसित किया गया है, जो बच्चों को शिक्षा के प्रति उत्साहित करने और उनके अधिगम कौशल को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।

मूल्यांकन टीम में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान अजमेर, राजस्थान में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ0 शेष कुमार शर्मा के साथ जनपद स्तर से फील्ड इन्वेस्टिगेटर हिमांशु कुमार पाण्डेय, शैलेन्द्र कुमार एवं देवेन्द्र प्रताप द्वारा प्रा0वि0 दिघवट में विद्या प्रवेश एवं स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम के सभी पहलुओं का सूक्ष्मता से अध्ययन किया गया एवं इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की वास्तविकता परखी गई। मूल्यांकन के दौरान प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं से अलग-अलग साक्षात्कार कर विस्तृत जानकारी ली गयी तथा प्रश्न अनुसूचियों के माध्यम से विद्यालय में क्रियान्वित किए जा रहे कार्यों का विवरण दर्ज किया गया। विद्यालय के शैक्षिक वातावरण, एम0डी0एम0 आदि का अवलोकन कर रिपोर्ट अंकित की गयी जिसे एन0सी0ई0आर0टी0 को सौंप दिया जाएगा।

भारत सरकार के अधिकारी डॉ0 शेष कुमार शर्मा ने बताया कि विद्या प्रवेश कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के बीच शिक्षा के प्रति जिज्ञासा और रुचि को बढ़ाना है तथा शिक्षकों को भी नए शिक्षण तरीकों और संसाधनों से परिचित कराना है, जिससे वे बच्चों को अधिक प्रभावी ढंग से शिक्षित कर सकें
मूल्यांकन के दौरान प्रधानाध्यापक अश्वनी सिंह, स0अ0 राजकुमार प्रेमी, वरुण पाठक, विद्या प्रजापति, अली हसन, मंजू देवी, डॉली सिंह एवं रेनू सिंह आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ तथा अभिभावक उपस्थिति रहे।

















