आखिर कब तक लूटते रहेंगे अवैध रूप से संचालित निजी अस्पताल व पैथोलॉजी

रिपोर्टिंग बाई – जलील अंसारी
कमालपुर, चन्दौली। प्राइम समाचार टुडे : कस्बा में निजी चिकित्सालय व पैथोलॉजी सेन्टर दिन ब दिन तेजी से पांव पसार रहे हैं। जब मरीजों के साथ कोई घटना घट जाती है तब जनता विरोध पर उतरती है तो स्वस्थ्य विभाग सहित शासन प्रशासन की नींद खुलती है। इसके पहले स्वस्थ्य विभाग के रहमों करम से इन निजी चिकित्सालयों का अंधाधुन्ध मरीजों का शोषण जारी रहता है।

जिसमें आसपास के झोलाछाप चिकित्सकों सहित कुछ दलाल किस्म के लोग भोले भाले, मासूम ग़रीब, मजबूर, असहाय को बरगला कर इन लुटेरे निजी चिकित्सालयों में पहुंचा देते हैं। फ़िर शुरु होता है जांच के नाम पर शोषण। ये जांच, वो जांच के नाम पर आर्थिक शोषण शुरु हो जाता है जैसा तथा कथित चिकित्सक चाहता है वैसा रिपोर्ट तैयार हो जाता है। एक के बाद एक जांच के नाम पर लूट शुरु होता है फ़िर कथित चिकित्सक द्वारा दवा,

आपरेशन शुरु हो जाता है। क़स्बा के कुछ चिकित्सक तो खुद आपरेशन नहीं करते कुछ नीम हकीम बन कर कर भी गुजरते हैं। वहीं कुछ वाराणसी आदि जगहों पर भेज कर ऑपरेशन कराते हैं और फ़िर देख रेख, इलाज़ के नाम पर लूट शुरु हो जाती है। क़स्बा के कई अस्पतालों में कई मरीज़ की जान जा चुकी है। कई को अपने इलाज़ में जगह ज़मीन भी बेचनी पड़ी है। यानि कि जब तक होश संभाले तब तक बहुत कुछ छिन चुका होता है। जरूरत है एक बार ऐसे निजी चिकित्सालयों व पैथोलॉजी केंद्रों की ए टू जेड जांच करने की। एक नहीं कई मानक विहीन मिलेंगे। तब कहीं जाकर लोगों के जान से खिलवाड़ कर रही इन नीम हकीम चिकित्सकों से लोगों को छुटकारा मिलेगा।














